सर्पगंधा का पौधा औषधिय गुणों के कारण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। ब्लड प्रेशर,अनिद्रा, याद्दाश्त, मानसिक रोग, चिन्ताग्रत रोगी, आंत संबंधी रोगों, पीरियड्स की समस्या के लिए इसके उपयोग करना लाभकारी होता है।
निन्दाकार वटी : सर्पगंधा 30 ग्राम, नील कमल 12 ग्राम, पिपलामूल 12 ग्राम, जटामांसी 12 ग्राम, खुरासनी अजवायन 12 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। चूर्ण को पानी से हल्का गीला करके गोली बना लें। सुबह-रात को एक-एक गोली लें। गोली खाने से 2 घंटे पूर्व कुछ न लें। इससे नींद अच्छी आएगी। ये अनिंद्रा रोग के लिए लाभकारी है।
सर्पगंधादि चूर्ण : सर्पगंधा 60 ग्राम, ब्राह्मी 30 ग्राम, शंखपुष्पी 12 ग्राम, जटामासी 12 ग्राम, अश्वगन्धा, गुलाब के फूल, श्वेत चंदन, बड़ी इलायची 6-6 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। 2 ग्राम सुबह-शाम ठंडे पानी के साथ लें। निन्द्रा, रक्तचाप, स्मरणशक्तिमें लाभकारी है। उन्माद मानसिक अस्थिरता, हिस्टीरिया में पानी के साथ दो ग्राम चूर्ण लें। ये औषधीय नुस्खे आयुर्वेद चिकित्सक के परार्मश से ही लें।
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