नाम से ही जाहिर होता है कि सूखे मेवों को सूखे रूप में ही खाना चाहिए। स्वाद और इनसे सेहत के फायदों को ध्यान में रखकर इन्हें भिगोकर या थोड़ा भूनकर नमकीन बनाकर खाना भी अच्छा विकल्प है। इन्हें तलने से इनमें मौजूद सूक्ष्म पोषकतत्व नष्ट हो जाते हंै। इसलिए इन्हें किसी भी प्रकार के तेल में तलना नहीं चाहिए। बाकी रूपों में इसे सुबह के समय 20 ग्राम की मात्रा में खा सकते हैं। जानें अन्य फायदे-
स्वादिष्ट स्नैक्स
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के स्वस्थ्यवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ कमलेश शर्मा के अनुसार सभी को सूखे मेवों को भूनकर, नमक व पिसी कालीमिर्च मिलाकर खाना स्वादिष्ट लगता है। जो लोग गरिष्ठ चीजों को खाने व पचाने में असमर्थ हों वे इस तरह खा सकते हैं। भूनने से इनकी प्रकृति हल्की हो जाती है जिससे इनका पाचन आसानी से होता है। पेट की अग्नि का आधा काम आंच कर देती है।
फायदे
सूखे मेवे खासकर बादाम को भिगोकर खाना चाहिए। कोशिश करें कि छिलका हटा दें। सामान्यत: छिलका हटाने का काम आंतें करती हैं लेकिन भिगोकर खाने से इनका अवशोषण व पाचन आंतों में आसानी से हो जाता है।
इन्हें भिगोएं
बादाम, मुनक्का और किशमिश को रातभर भिगोया जा सकता है। काजू, पिस्ता, अखरोट आदि वास्तविक रूप में आसानी से खाने व पचने वाले होते हैं इसलिए इन्हें न भिगोएं।
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