नवजात शिशुओं में केयर की अधिक जरूरत होती है। इसकी वजह उनकी स्किन सेंसेटिव और इम्युनिटी कमजोर होती है। जानते हैं उन 5 बातों के बारे में जो नवजात शिशुओं से संबंधित हैं।
तापमान सामान्य रखें -
जन्म के समय शिशु को नहलाना नहीं चाहिए। एक सप्ताह बाद ही हल्के गुनगुने पानी से शरीर पोछें। इसके बाद शिशु की बंद कमरे में तेल की हल्की मालिश करें। मालिश से शरीर की ऊष्मा बचती है। शिशु के शरीर का 90 फीसदी ऊष्मा सिर से बाहर निकलती है। सर्दी में हमेशा सिर को ढककर रखें। दस्ताने और मोजे भी पहनाएं।
दूसरे लोगों से दूर रखें -
शिशु का नाल सावधानी से काटें। अच्छे से नाल बांधें ताकि ब्लीडिंग न हो। पहले शिशुओं को सूर्य दर्शन व नहावन का चलन था। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों से शिशु को दूर रखना था ताकि इंफेक्शन न हो। सफाई का ध्यान रखें। शिशु को साफ हाथों से ही छुएं।
न होने दें ग्लूकोज की कमी -
जन्म के तुरंत बाद मां दूध पिलाना चाहिए। ऐसा न करने से शिशु को ग्लूकोज की कमी होने से दिमाग पर असर पर सकता है। ध्यान रखें छह माह तक मां के दूध के अलावा कुछ न दें।
सिर में सूजन -
कुछ शिशुओं में जन्म के समय सिर में सूजन होती है। यह ब्लड जमा होने से होती है। कुछ माताएं मालिश करती हैं। ऐसा न करें। इससे ब्लड और एकत्रित होता है और सूजन बढ़ सकती है।
पीलिया का ध्यान रखें -
जन्म के समय पीलिया आम है लेकिन अगर 24 घंटे के अंदर, कमर से नीचे तलवे तक और 15 दिन बाद दोबारा से हो जाए तो सावधानी बरतें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि शरीर में नीला निशान यानी लहसन है तो परेशानी की कोई बात नहीं है। लेकिन शरीर पर दाने निकले तो सफाई का ध्यान रखें।
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