मखाने के लड्डू
यह आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। इसको नियमित खाने से हाई ब्लड पे्रशर, कमर और जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है। श्वसन, प्रजनन और यूरिन से संबंधी बीमारियों में भी लाभ मिलता है।
विधि- सबसे पहले धीमी आंच पर 100 ग्राम मखाने को घी में भूनें। इसके बाद एक बर्तन में अलग निकालकर मिक्सी में पीस लें। फिर कड़ाही में एक चम्मच घी डालकर करीब 200 ग्राम मेवे को हल्का भूनें। इसके बाद इसमें 200 ग्राम खांड मिलाकर लड्डू बांध लें। अगर नमी की जरूरत है तो दूध का इस्तेमाल करें। इसमें घी और खांड कम ही इस्तेमाल करते हैं।
कौंच बीज के लड्डू
यह बच्चों व महिलाओं के लिए अधिक फायदेमंद होता है। इसे खाने से शरीर में पोषक तत्वों की पूर्र्ति होती और मजबूती आती है। लड्डू बनाने के लिए कौंच के बीज,आटा, देसी घी, अश्वगंधा, कालीमिर्च, लौंग जायफल, जावित्री, पीपल और खांड या बूरे की जरूरत होती है।
सावधानियां : ये सभी लड्डू सुबह दूध के साथ नाश्ते के रूप में लेने चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर, हाई कॉलेस्ट्राल, हृदय रोग, ब्लाकेज, मधुमेह के रोगी विशेषज्ञ की सलाह से ही इन्हें लें। जिनकी अग्नि कमजोर रहती यानी पाचन सही नहीं रहता तो वे काम मात्रा में सेवन करें। सामान्य व्यक्ति रोजाना 100 ग्राम की मात्रा तक इन लड्डुओं को ले सकता है।
अश्वगंधा के लड्डू
शारीरिक व मानसिक कमजोरी, थकावट, नाड़ी तंत्र की दिक्कत, तनाव, अनिद्रा, अल्जाइमर आदि बीमारियों में लाभकारी है।
विधि : एक किग्रा. गेहूं के आटे को 750 ग्राम देसी घी में भून लें। इसके बाइ इसमें 250 ग्राम अश्वगंधा पाउडर डालकर थोड़ा और पका लें। आंच से उतारकर इसमें 50 ग्राम पीसी हुई कालीमिर्च और एक किग्रा खांड डालकर अच्छी तरह से मिलाकर लड्डू बना लें। सुबह के समय एक लड्डू ले सकते हैं।
मूसली-अश्वगंधा लड्डू
ये लड्डू शरीर को मजबूती देते और तनाव से बचाते हैं। इसके साथ ही पाचन दुरुस्त रखने और संक्रमण से बचाव करते हैं। इससे नसों को मजबूती मिलती है। यह लड्डू बनाने के लिए आटा, देसी घी, मूसली, अश्वगंधा, बादाम, खरबूजे के बीज, नारियल गिरि, जावित्री, जायफल, इलायची, लौंग, दालचीनी और बूरा या खांड चाहिए।
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