हाथों में शरीर के प्रत्येक अंग के दबाव बिंदु होते हैं। इन्हें दबाने पर सम्बंधित अंग तक खून व ऑक्सीजन का प्रवाह सुचारु होता है।
उंगुली ताली-
बांयी हथेली पर दाएं हाथ की चारों उंगुलियों को एकसाथ तेज दबाव के साथ दो मिनट तक ताली बजाएं। इससे फेफड़े, यकृत, पिताशय, गुर्दे, छोटी व बड़ी आंत, दाएं हाथ की उंगुली में साइनस के दबाव बिंदु दबते हैं। कब्ज, एसिडिटी, यूरिन, सांस की तकलीफ में आराम मिलता है।
ग्रिपिंग ताली -
दोनों हथेलियों को क्रॉस करते हुए बजाते हैं। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार तेज होता है। अन्य अंगों के दबाव बिंदु सक्रिय होते हैं। इसे तेजी से 10-20 मिनट बजाने पर त्वचा रोगों में लाभ मिलता है। दर्द वाले रोग में भी कारगर है।
थाप ताली -
दोनों हाथों के अंगूठे, उंगुलियां समानांतर दूसरे हाथ पर पड़ती हैं। इस ताली की आवाज बहुत तेज होती है। इससे कान, आंख, कंधे, मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी के बिंदुुओं पर दबाव पड़ता है। इसका डिप्रेशन, अनिद्रा, स्लिप डिस्क, स्पोगोलाइसिस, आंखों की कमजोरी में सर्वाधिक लाभ होता है। इस ताली को हथेली लाल होने तक बजाते रहें।
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