कान पकड़कर की जाने वाली क्रिया (उठक-बैठक ) को मस्तिष्क के सूक्ष्म योग की संज्ञा दी गई है। कान के लोब का संबंध मस्तिष्क की धमनियों से होता है।
क्या आपने कभी दंड स्वरूप उठक-बैठक की है? उठक-बैठक करने के कारण होने वाला दर्द, कान के आस-पास व मस्तिष्क के दोनों ओर महसूस होता था। यह एक प्रायोगिक क्रिया है। इसके पीछे याददाश्त बढ़ाने का वैज्ञानिक कारण छिपा हुआ है।
ऐसे करें :
दाहिने हाथ की अंगुलियों से बाएं कान के लोब व बाएं हाथ की अंगुलियों से दाहिने कान के लोब को पकड़ें। लम्बी सांस लेकर घुटनों को झुकाएं और ऊपर उठते हुए सांस को छोड़ें। इस प्रक्रिया को दिन में 20 से 30 बार एक से दो मिनट नियमित रूप से करें। उठक-बैठक का अभ्यास करने से याददाश्त में वृद्धि होती है। क्लास शुरू होने या फिर लंच के बाद इसको करना फायदेमंद है। इससे अल्फा तरंगों में भी बढ़ोत्तरी होती है।
न्यूरो सेल्स होते सक्रिय-
कान को खींचना फायदेमंद है। इससे एक्यूप्रेशर बिन्दुओं पर दबाव पडऩे के कारण मस्तिष्क की कोशिकाएं अर्थात न्यूरो सेल्स सक्रिय हो जाते हैं।
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