शकरकंद (स्वीट पोटेटो)। अपने स्वाद के कारण लोगों में पसंदीदा बना हुआ है। इसे आप कच्चा और पका कर दोनों ही रूप में खा सकते हैं। कुछ लोग इसे आग में पकाकर और कुछ लोगउबालकर खाते हैं। इसकी कई किस्में होती हैं। लाल शकरकंद में गूदा सूखा और ठोस होता है। सफेद और पीली शकरकंद में गूदे के भीतर बहुत ज्यादा रस होता है।
पोषक तत्त्व : एक सामान्य आकार की शकरकंद में 694 मिलीग्राम तक पोटेशियम होता हैं। इसमें विटामिन बी, विटामिन सी, कैरोटीन, बीटा कैरोटीन और कैल्शियम होता है।
अल्सर, मधुमेह में फायदेमंद : शरीर में रक्त स्त्राव को संतुलित करने में सहायक है। इसके सेवन से रक्त में शुगर का स्तर संतुलित रहता है। शकरकंद खाने से कब्ज और एसिडिटी की भी समस्या नहीं रहती है। इससे अल्सर का अंदेशा भी कम हो जाता है।
पानी की कमी नहीं होती -
स्वीट पोटेटो के अंदर फाइबर होता है। इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) नहीं होती है। यह वजन बढ़ाने में कारगर होता है। क्योंकि इसके अंदर काफी मात्रा में स्टार्च होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन, खनिज और कई तरह के प्रोटीन भी पाए जाते हैं। इसे नियमित खाने से कई लाभ होते हैं। ये सेहत के लिए लाभदायक है।
सावधानी : शकरकंद उन लोगों को नहीं खाना चाहिए जिनके गुर्दे खराब हो। इसे खाने से गुर्दे में पथरी का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि इसमें ऑक्सलेट होता है। जिससे गुर्दे में पथरी बनने की आशंका बढ़ जाती है। पेट में दर्द होने पर इसे नहीं खाना चाहिए।
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