PCOS: पॉलिसिस्टिक (पीसीओएस) इंसुलिन रेजिस्टेंस की एक स्थिति है। इससे ग्रसित महिलाओं में इंसुलिन की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिसकी वजह से गर्भाशय में पाया जाने वाला टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन अधिक मात्रा में बनने लगता है और अंडाणु नहीं बन पाते। इस स्थिति को अनओवुलेशन कहते हैं, जिसमें माहवारी नियमित रूप से नहीं होती और बांझपन की समस्या हो जाती है। पीसीओएस का संबंध कई तरह की मेटाबॉलिक समस्याओं से भी है जैसे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर और पेट का बढ़ना। इससे टाइप-2 डायबिटीज होने, हृदय संबंधी रोग और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पेट के मोटापे से ग्रसित महिलाओं में एनीमिया की समस्या भी हो सकती है।
पीसीओएस के लक्षण क्या हैं?
चेहरे पर बाल उगना, मुंहासे, अनियमित माहवारी, मां बनने में परेशानी, बांझपन, शरीर के बालों की अनियमित वृद्धि और सिर के बालों का कम होना जैसे लक्षण होते हैं।
क्यों होता है पीसीओएस?
वैसे तो पीसीओएस होने के कई कारण हैं लेकिन गलत खानपान, बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, तनाव और मोटापे के कारण यह रोग होता है।
इससे किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं?
टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, स्लीप एप्निया, असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव, एस्ट्रोजन हार्मोन का लगातार उच्च स्तर बने रहने से गर्भाशय के अस्तर (एंडोमेट्रियल) में कैंसर होने का खतरा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या भी हो सकती हैं।
पीसीओएस का इलाज क्या है?
हार्मोन के संतुलन से यह रोग अपने आप ठीक हो जाता है। खानपान और लाइफस्टाइल सुधारें। नियमित व्यायाम करें।
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