गिलोय की टहनियों, बीजों और पत्तियों के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और बीमारियों से बचाव होता है। वात, पित्त और कफ से संबंधित बीमारियों में एनीमिया, बुखार, बवासीर, खांसी, एसिडिटी, मधुमेह में फायदा मिलता है।
पोषक तत्व : गिलोय में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस की अच्छी मात्रा होती है। इसके तनों में स्टार्च की भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
इस्तेमाल : गिलोय की तासीर गर्म होती है। गिलोय का काढ़ा और जूस बनाकर भी इस्तेमाल किया जाता है। पीने में कड़वा गिलोय के तने का जूस लेने से डेंगू, त्वचा, आंखों, पेट और आर्थराइटिस में फायदा मिलता है। शरीर में जलन होने पर आंवला के साथ इसका जूस लेने से लाभ होता है।
फायदे : तनाव, चिंता, घबराहट, दमा, मुहांसे, लिवर, पीलिया, कब्ज और खून की कमी में गिलोय का जूस लेना फायदेमंद है।
सावधानी : गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं डॉक्टर की सलाह से गिलोय का इस्तेमाल कर सकती है।
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