हर वर्ष 15-21 नवंबर के बीच न्यूबॉर्न केयर वीक मनाया जाता है। छह माह तक शिशुओं को केवल मां का ही दूध दें। सर्दी के मौसम में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए नवजात को अन्य लोगों के छूने से बचाना चाहिए। शिशु संक्रमण से बचेगा। उसे नहलाते समय भी विशेष सावधानी बरतें।
सर्दी में नवजात को हाइपोथर्मिया का खतरा रहता है। इसलिए अच्छे से कपड़ा पहनाएं। संभव हो तो 2.5 किग्रा से कम वजन शिशु को कंगारू थैरेपी दें। इसमें मां शिशु का कपड़ा निकालकर अपने शरीर से चिपकाकर रखती है। ऐसा दिन में आठ घंटे तक करें। बच्चे की ग्रोथ अच्छी होती, मां का दूध बढ़ता है।
7-8 बार यूरिन होना जरूरी : नवजात शिशु को हर दो घंटे के अंतराल पर दूध पिलाना चाहिए। ऐसा न करने से डिहाइड्रेशन और पीलिया होने का खतरा रहता है। दिन में 7-8 बार यूरिन न होने पर डिहाइड्रेशन की आशंका बढ़ती है।
सावधानी : शहद आदि का निप्पल और बाहर का कुछ भी पीने के लिए न दें। नाक बंद होती है तो सलाइन नेजल ड्रॉप डाल सकते हैं।
डॉ. आलोक उपाध्याय, शिशु रोग विशेषज्ञ, जेके लोन हॉस्पिटल, जयपुर
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