माता-पिता नवजात बच्चे के मुंह और दांतों की सफाई को लेकर फिक्र नहीं करते हैं। शिशु के दांत आने का समय तय होता है और सफाई नहीं करने से ओरल कैविटी की आशंका रहती है। ऐसे में मसूड़ों को साफ करना चाहिए। जब बच्चे के दांत आएंगे तब उसके दांतों में कीड़े लगने का खतरा अधिक रहेगा। मसूड़े का रंग उसकी सेहत बता देता है। अगर मसूड़ों की सफाई सही तरीके से नहीं की जाएगी तो इसका असर दांतों की सेहत पर पड़ेगा।
मसूड़े का रंग कोरल पिंक है तो वे हैल्दी है। अगर रंग लाल या काला हो गया है तो इसका मतलब स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है। उसमें किसी तरह की तकलीफ है तो दांत संबंधी रोग तेजी से फैलता है। दांत की बीमारी बहुत गंभीर है क्योंकि इसमें होने वाला दर्द काफी परेशान करता है। ठीक होने में समय भी लगता है। बच्चों से बड़ों को दिन में दो बार ब्रश जरूर करना चाहिए।
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