Friday, 18 October 2019

Yoga Benefits: शरीर काे भरपूर ऑक्सीजन देने के लिए करें ये याेग

Yoga Benefits In Hindi: हाइपोक्सिमिया ( Hypoxemia ) ऐसी समस्या है जिसमें शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इस स्थिति में दिमाग के अलावा फेफड़े, हृदय व अन्य अंगों को कुछ समय में ही क्षति पहुंचने लगती है। साथ ही सभी कोशिकाओं को कार्य करने में बाधा आने लगती है जिस वजह से व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है। जानें दवाओं के अलावा किन गतिविधियों ( Breathing Exercises To Increase Oxygen ) को कर शरीर में इसकी कमी को दूर किया जा सकता है।

सर्वांगासन ( Sarvangasana )
ऐसे करें : समतल जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को सीधा और हाथों को शरीर के बगल में रखें। पैरों को पहले घुटनों से मोड़ें। इसके बाद हाथों की मदद से पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। इसी के साथ कमर को भी हल्का सा ऊपर उठाएं। कुछ देर इस अवस्था में रुककर सामान्य सांस लेते व छोड़ते रहें। कुछ देर बाद सामान्य अवस्था में आएं। इसमें जमीन पर केवल गर्दन, कंधे से कोहनी तक का भाग ही टिकेगा।

फायदे : कब्ज व शारीरिक कमजोरी दूर होने के साथ सांस लेने में आसानी।

ये न करें : हाई बीपी, गर्दन- कमर दर्द, हृदय संबंधी रोग या फिर हाल ही कोई ऑपरेशन हुआ है वे इसे न करें या फिर करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

शीतली प्राणायाम ( Sitali Pranayama )
ऐसे करें: स्वच्छ वातावरण में सुखासन, वज्रासन या किसी भी आसन में बैठ जाएं। जीभ को बाहर निकालकर एक पाइप की तरह बना लें। इस नली से गहरी सांस लें व पेट को हवा से भर लें। फिर जीभ को अंदर खींचकर मुंह बंद कर लें। अब गर्दन आगे की ओर झुकाकर अपने जबड़े को सीने से लगाएं। कुछ सेकंड के लिए सांस रोकने के बाद नाक के नथुनों से सांस बाहर छोड़ें।

ये न करें : जुकाम, खांसी, दमा, ब्लड प्रेशर के रोगी इसे न करें।

विपरीतकर्णी ( Viparita karani )
ऐसे करें : पीठ के बल लेटकर दोनों हाथों को सीधा रखें। सांस लेते हुए पैरों को ऊपर की ओर मोड़ें। दोनों हाथों को कूल्हों के नीचे व कोहनी फर्श पर टिकाएं। अब हाथों के सहारे पैरों को ऊपर उठाए रखें। इस दौरान कंधों से कूल्हों तक का हिस्सा थोड़ा हवा में रहेगा। सामान्य सांस लेते हुए क्षमतानुसार रुकें। सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं। इसके बाद कुछ देर शवासन करें।

फायदे : पैरों में सूजन, ब्लडप्रेशर और तनाव में फायदेमंद। थकान दूर होकर फेफड़े मजबूत होते हैं।

ध्यान रखें ये बातें : इस आसन को सुबह खाली पेट ही करना चाहिए। रीढ़ की हड्डी में कोई तकलीफ, चक्कर आने की समस्या, महिलाएं माहवारी और गर्भावस्था के दौरान इस आसन को न करें। हाल ही कोई ऑपरेशन हुआ है तो भी इसे न करें।



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