World Stroke Day: 29 अक्टूबर को दुनियाभर में वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है। इसका मकसद इस बीमारी के बढ़ते मरीज और इसकी गंभीरता को लेकर जागरुकता फैलाना है ताकि लोग इस बीमारी के बारे में जानें और इससे बचने के तरीके खोजे जा सकें। स्ट्रोक यानी लकवा ब्रेन से जुड़ी एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसका शिकार कोई भी, कहीं भी हो सकता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो इंसान जीवन भर के लिए विकलांग हो सकता है। आइए जानते हैं किन कारणाें से बढ़ता है स्ट्रोक का खतरा :-
ज्यादा चीनी-नमक भी जिम्मेदार
एक शाेध के अनुसार रिफाइंड ऑइल, चीनी, नमक और फ्राइड फूड ज्यादा मात्रा में खाने वाले लोगों को भी स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। इसके साथ ही आप अगर डायबीटीज, कलेस्ट्रॉल,हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और मोटापे के ग्रसित हैं तो ये सारी दिक्कतें सिर्फ हार्ट डिजीज की ओर इशारा नहीं करतीं बल्कि स्ट्रोक यानी लकवे का भी सबसे बड़ा कारण हो सकती है।
सीधे सिर पर न डाले पानी
अगर आप सोचते हैं कि जैसे मन करे वैसे नहा सकते हैं ताे आप गलत हैं। खाने-पीने और सोने की ही तरह नहाने का भी एक सही तरीका है जिसे अगर फॉलो न किया जाए तो नहाते वक्त लकवा मारने या फिर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। बहुत से लोगों को आदत होती है कि वे बाथरूम में पहुंचते ही सीधे शावर के नीचे खड़े हो जाते हैं या फिर बाल्टी और मग से सीधे सिर पर पानी उड़ेलने लग जाते हैं। यह नहाने का पूरी तरह से गलत तरीका है और इससे ही स्ट्रोक समेत कई दूसरे खतरे सामने आ सकते हैं।
दरअसल, हमारे शरीर में खून का प्रवाह ऊपर से नीचे की तरफ होता है। ऐसे में अगर आप सीधे सिर पर ठंडा पानी डालकर नहाएंगे तो सिर में मौजूद खून की नलिकाएं सिकुड़ने लगेंगी या खून के थक्के जमने लगेंगे। जिससे हार्ट को सिर की तरफ ज्यादा तेजी से खून भेजना पड़ता है, इससे हार्ट अटैक या दिमाग की नस फटने की दिक्कत हो सकती है। इसलिए नहाते वक्त सिर से पानी डालने की शुरुआत न करे। नहाने की शुरुआत पैरों से करें। पैर के पंजो पर पानी डालने से शुरुआत करें। इसके बाद जांघ, पेट, हाथ, कंधे से होते हुए सबसे आखिर में सिर पर पानी डालें। इतना सब करने के बाद आप चाहें तो शावर के नीचे खड़े होकर या बाल्टी से पानी सिर पर उड़ेलकर नहा सकते हैं।
सर्दी से करें बचाव
न्यूरो सर्जन और ब्रेन स्ट्रोक विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या दो गुनी बढ़ जाती है। कड़ाके की ठंड में होने वाली मौतों की एक वजह ब्रेन स्ट्रोक भी है। ठंड के मौसम में हमारे शरीर में खून गाढ़ा हो जाता है। खून की पतली नलिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे खून का दबाव बढ़ जाता है, जिसकी वजह से खून की धमनियों में क्लॉटिंग होने से स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सर्दी में शरीर का तापमान मेंटेन रखना चाहिए।
पाेषक आहार लें
अपनी डायट में एंटी-ऑक्सिडेंट, विटमिन ई, सी और ए से भरपूर खाने को शामिल करें। फाइबरयुक्त साबुत अनाज खाएं। अदरक का सेवन करें, क्योंकि इससे रक्त पतला रहता है। अखरोट, सोयाबीन,जामुन, गाजर, टमाटर और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।
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