Thursday, 17 October 2019

Technological Hazards: टेक्नोलॉजी की ओवरडोज से बढ़ा सेहत को खतरा

Technological Hazards: टेक्नोलॉजी का अत्यधिक इस्तेमाल आपको भी बीमार बना सकता है। इन दिनों फैंटम रिंगिंग सिन्ड्रोम, साइबरकॉन्ड्रिया व अन्य कई ऐसी बीमारियां अपना पैर पसार चुकी हैं, जिनके बारे में आप भले ही न जानते हों लेकिन इनका मुख्य कारण इंटरनेट व टेक्नोलॉजी ही हैं। आइए जानते हैं सेहत पर पड़ने वाले टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभावों ( Negative Effects Of Technology On Health ) के बारे में :-

फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम ( Phantom Vibration Syndrome )
दस में से 9 लोग इससे ग्रस्त हैं। लोगों को भ्रम होता है कि जेब या बैग में पड़ा उनका मोबाइल वाइब्रेट कर रहा है। जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में हुई शोध में शामिल 90 प्रतिशत लोगों ने वाइब्रेशन महसूस किया, जो भ्रम मात्र ही था।

हिकीकोमोरी ( Hikikomori Syndrome )
तकनीक से जुड़े इस रोग में व्यक्तिखुद को सामाजिक रूप से दूर रख तकनीकी दुनिया तक सीमित कर लेता है। लगभग दो लाख युवा इससे ग्रसित हैं। व्यक्ति खुद को कमरे तक भी सीमित रखता है।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हाइपरसेंसिटिव ( Electromagnetic Hypersensitivity )
लगातार 24 घंटे मोबाइल फोन व अन्य वायरलेस कम्युनिकेशन की दुनिया में रहने वालों को सिर व मसल्स में दर्द जैसे लक्षण खासतौर पर दिखते हैं।

3 डी हैंगओवर्स ( 3D Hangover )
3डी संबंधी टीवी व गेमिंग के दुष्प्रभाव साफ दिखाई न देना, सुस्ती व चक्कर आना, सिरदर्द आदि के रूप में सामने आता है।

फेसबुक डिप्रेशन ( Facebook Depression )
फेसबुक पर कोई कमेंट्स या लाइक, अनलाइक मिलने का प्रभाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। फेसबुक पर रिएक्शन न मिलने पर युवा डिप्रेशन में आने लगते हैं।

ऐसे करें बचाव ( Tips For Safety )
- पर्याप्त नींद के लिए फोन ऑफ करके सोएं।
- मोबाइल में अलार्म सेट न करें।
- ऑफिस जाने पर ही मेल चेक करने की कोशिश करें।
- खाते समय मोबाइल से दूर रहें। गैरजरूरी एप्स को हटाएं।



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