Diwali 2019: आतिशबाजी के दौरान बर्न इंजरी के केस सामान्य दिनों की तुलना में चार गुना सामने आते हैं। इसका कारण सावधानी रखते हुए पटाखे या दीए न जलाना या रसोई में खाना बनाते समय लापरवाही बरतना है। जानें त्वचा संबंधी चोट लगने पर कैसे रखें खयाल-
मामूली घाव के लिए प्राथमिक चिकित्सा
- हाथ-पैर या शरीर के किसी भी हिस्से पर जलने की स्थिति में कम से कम 5-10 मिनट के लिए प्रभावित हिस्से को नल के नीचे बहते पानी में तब तक रखें जब तक कि जलन थोड़ी कम न हो जाए। ध्यान रखें कि पानी ज्यादा ठंडा नहीं होना चाहिए।प्रभावित हिस्से को रगड़े नहीं
- किसी भी घाव को ठीक करने के लिए बर्फ का प्रयोग न करें वर्ना घाव को ठीक होने में समय लग सकता है।
- गर्म तेेल, पटाखे की चिंगारी आदि से लगी चोट में प्रभावित हिस्से पर हुए घाव पर घी, तेल, मक्खन, टूथपेस्ट या किसी भी तरह का मरहम न लगाएं। इससे संक्रमण या फफोले होने की आशंका रहती है।
- किसी भी घाव को छोटा न समझें। आधे से एक घंटे के बीच तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलकर इलाज लें।
गंभीर स्थिति में...
- आपातकालीन चिकित्सा के लिए कॉल कर सहायता लें। जब तक मदद न मिले तब तक इनका पालन करें-
- आग बुझाने के बाद सुनिश्चित करें कि पीडि़त किसी सुगंधित सामग्री, धूम्रपान या गर्मी के सम्पर्क में न आए। जले हिस्से पर कपड़ा चिपक जाए तो उसे हटाने का प्रयास न करें।
- ध्यान रखें कि जले हिस्से पर न तो किसी प्रकार की पट्टी बांधें न ही कपड़ा ढकें। रोगी को कंबल में लपेटकर अस्पताल ले जाएं।
क्या करें
- पटाखे या अन्य आग पकड़ने वाली चीजों से बच्चों को दूर रखें। पटाखे खुले स्थान या मैदान में चलाएं।
- उपयोग की गई आतिशबाजी को स्टील की पानी से भरी बाल्टी में नष्ट करें। वर्ना जमीन पर फेंकने से पैर में चोट लग सकती है। पटाखे जलाते समय मोटे सूती कपड़े पहनें। वाहनों के पास पटाखे न चलाएं।
- 10 मिनट के लिए जले हुए हिस्से को नल के नीचे पानी में रखें। फिर अस्पताल जाएं।
- 01 घंटे या आधे घंटे के बीच छोटा घाव ही सही, त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज लें।
ये न करें
पटाखे या अन्य चिंगारी वाली चीजों को रसोई से दूर रखें। हाथ में पकड़कर पटाखे न जलाएं।
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