दिमाग नहीं, दिल से मुस्कुराएं। इसे ही इमोशनल स्माइल कहते हैं। चेहरे की मांसपेशियां (जाइको मेटिकस मेजर-माइनर) की एक्सरसाइज होती है। मुस्कुराने से रक्त संचार बढ़ता है। इससे चेहरे की चमक बढ़ती है। शरीर में कॉर्टिसॉल के नियंत्रित मात्रा में रिलीज होता है। इससे वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है। ऐसा माना जाता है कि हमेशा मुस्कुराने वाले अपेक्षाकृत ज्यादा स्वस्थ होते हैं।
तनाव घटता
मुस्कुराने से दिमाग के न्यूरॉन्स सिंक्रोनाइज होते हैं। इसीलिए जब किसी से मुस्कुराते हुए बात करते हैं तो सामने वाला भी मुस्कुराने लगता है। मूड अच्छा रहता है। ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। डिप्रेशन की आशंका घटती है। मुस्कुराने से ऐसे हॉर्मोन स्रावित होते हैं जो एंटी एजिंग होते हैं।
इसलिए पड़ते हैं डिम्पल
जिन लोगों के गालों में डिम्पल पड़ते हैं उनकी मुस्कान ज्यादा आकर्षक मानी जाती है। ऐसे लोगों की बचपन से चेहरे की मांसपेशियां (जाइको मेटिकस मेजर-माइनर) दो भागों में डिवाइड होती हैं। उनके मुस्कुराते समय गालों में डिम्पल पड़ते हैं। इसके लिए लोग सर्जरी भी कराते हैं।
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