Thursday, 24 October 2019

Acidity Treatment: एसिडिटी में खाली पेट खाएं पेठा, ठंडा दूध रात में लें

Acidity Treatment: आयुर्वेद में एसिडिटी की समस्या के लिए अम्लपित्त को कारण माना जाता है। अम्लपित्त की समस्या अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान से होती है। आयुर्वेद के अनुसार अम्लपित्त की समस्या शरीर में ऊष्णता (गर्मी) के कारण होती है। इसके लिए ठंडा दूध और घी लेना चाहिए। क्योंकि इनकी तासीर ठंडी होती है। अम्लपित्त में आराम मिलता है। एसिडिटी के मरीजों को दही-छाछ लेने से बचना चाहिए। अगर दही-छाछ लेना है तो सुबह के समय थोड़ी मात्रा में ही लें। घी किसी भी समय लें जबकि ठंडा दूध रात में ही लें।

पेठा एसिडिटी को सोख लेता है
पेठा अम्लपित्त में आराम देता है। जिन्हें एसिडिटी की समस्या है वे सुबह-सुबह खाली पेट 3-4 पेठा खाकर पानी पीएं। पेठा एसिडिटी को सोख लेता है और राहत देता है। अम्लपित्त की समस्या में लौकी, करेला, केला, अंगूर, आम, कच्चा नारियल खाने और नारियल पानी पीने से काफी आराम मिलता है।

याेग से दूर करें एसिडिटी
एसिडिटी में फायदेमंद एक्सरसाइज इस समस्या को दूर करने के लिए सूर्यनमस्कार, वज्रासन,सर्वांगासन, अनुलोम-विलोम, शीतली, शीतकारी प्राणायाम करें।

इनसे रखें परहेज
- एसिडिटी में इन चीजाें को करें अवॉयड बहुत ज़्यादा चाय-कॉफी, शराब, धूम्रपान, मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

- खाना खाने के बाद सोना तथा खाना खाने के बाद पानी पीने से बचना चाहिए। बहुत ज़्यादा ऑयली खाना नहीं खाना चाहिए।

- मिर्च-मासलेदार खाने के अलावा देर से पचने वाले भोजन जैसे राजमा, छोले, उड़द, मटर, गोभी, भिंडी, आलू, अरबी, कटहल, बैंगन, खमीरीकृत भोजन जैसे कि इडली, डोसा, बेकरी प्रोडक्ट, बासी खाना, डब्बाबंद खाना आदि का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए।

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