10 में से 1 मरीजों में दवाओं के गलत तालमेल से अपच की होती आशंका
02-03 घंटे का गैप होना चाहिए दो रोगों के लिए ली जाने वाली दवाओं के बीच।
01 घंटे का गैप होना चाहिए हर दवा को लेने के बाद भोजन करने में।
3-4 बार से ज्यादा बिना डॉक्टर की सलाह स्टेरॉयड लेने से
किसी भी रोग के इलाज के लिए विशेषज्ञ जो भी दवाएं देते हैं उनका पूरा कोर्स लेना अनिवार्य होता है। एक से ज्यादा रोग के लिए दवा ले रहे व्यक्ति अक्सर इस असमंजस में रहते हैं कि दवाओं के बीच कितना गैप रखें, ये शरीर पर किस तरह से असर करेंगी। क्रॉनिक रोगों के इलाज के लिए विशेषज्ञ के बताए अनुसार ही दवा समय पर लेनी चाहिए। गलत तरीके से लेने पर धीरे-धीरे दवा भी बेअसर होने लगती है। लंबे समय से दवा लेने पर अक्सर वे मानते हैं कि अब कोई लक्षण महसूस नहीं हो रहा तो दवा बंद कर दें। ऐसा न करें क्योंकि दवा के असर से ही बीमारी नियंत्रण में है।
गंभीर रोगों की आशंका बढ़ती है। जैसे डायबिटीज, हड्डियां कमजोर होना।
शरीर-दवा के बीच क्रिया
हर दवा की अपनी एक अलग प्रकृति होती है। हर व्यक्ति के शरीर के अनुसार दवा का काम, अवशोषण और पाचन अलग तरह से होता है। कहते हंै कि लंबे समय तक ली जाने वाली दवाएं किडनी पर गलत असर डालती हैं। ज्यादातर दवाएं भोजन करने से पहले या बाद में लेने के लिए कहते हैं क्योंकि भोजन में उपस्थित तत्व दवा का असर कम कर देते हैं।
जानें सही तरीका
हार्ट की दवा रात को व थायरॉइड की सुबह भूखे पेट लें। खून पतला करने वाली दवा लेने के दौरान हरी पत्तेदार सब्जियां न लें। आयरन- कैल्शियम की दवा साथ लेने से असर घटता है। बीपी की कुछ दवाएं ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट को धीमा करती हैं। दवा लेने के बाद फिजिकल एक्टिीविटी सावधानी से करें। मुख्य दवा के साथ विटामिन-मिनरल की दवा न लें।
खुद विशेषज्ञ न बनें
लंबे समय से ब्लड प्रेशर, थायरॉयड, डायबिटीज या अन्य रोग से ग्रस्त होने के दौरान कभी कभार हल्के फुल्के दर्द, सर्दी, जुकाम, खांसी या अन्य एक्यूट रोग की दवा या कफ सिरप लेनी पड़े तो विशेषज्ञ की राय से ही लें। वर्ना ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने के अलावा पेट के अल्सर, किडनी फेल या हार्ट प्रॉब्लम की आशंका बढ़ सकती है। कई पैथी की दवा लें तो... कुछ लोग कई रोगों के इलाज के लिए विभिन्न पैथियों (आयुर्वेद, एलोपैथी, होम्योपैथी आदि) की दवाएं लेते हैं। हर दवा का असर अलग तरह से होता है। विशेषज्ञ को इस बारे में जरूर बताएं।
लक्षणों को ऐसे पहचानें
एक से अधिक रोग के लिए यदि दवा लेने के एक से डेढ़ हफ्ते के बाद भी लक्षणों में कमी न आए या असहज महसूस करें तो हो सकता है कि दवाओं के बीच सही संतुलन नहीं है।
कैसे लें दवा?
विशेषज्ञ रोग के अनुसार दवा दूध या पानी के साथ लेने की सलाह देते हैं। कुछ दवाओं को केवल पानी से लेने के लिए कहते हैं क्योंकि दूध में मौजूद कैल्शियम दवा में उपस्थित कुछ तत्वों के संपर्क में आकर उसके असर को कम कर देता है। इसलिए विशेषज्ञ के बताए अनुसार दवा लें।
एक्सपर्ट : डॉ. प्रियंका राठी, एसोसिएट प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग, आरयूएचएस, जयपुर
एक्सपर्ट : डॉ. रामजी शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, एसएमएस अस्पताल
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