आयुर्वेद में मौजूद गूलर और गिलोय जैसी जड़ीबूटियां कई रोगों के इलाज में उपयोगी हैं। जानते हैं इनसे होने वाले लाभ के बारे में...
गूलर के फल को पीसकर पानी के साथ लेने से मधुमेह रोग में लाभ होता है। इसके फलों से तैयार सब्जी भी फायदेमंद होती है।
खूनी बवासीर होने पर गूलर के फलों को सुखाकर पीस लें। फिर इसमें चीनी मिलाकर खाने से राहत मिलेगी।
लंबी उम्र के लिए गिलोय व गेहूं के ज्वारे के रस के साथ तुलसी के 7 पत्ते और नीम के कुछ पत्ते खाने से फायदा होता है। इससे कैंसर की आशंका कम होती है।
गिलोय की पत्तियों में कैल्शियम व तने में स्टार्च होता है। जो इम्युनिटी बढ़ाकर संक्रमण से बचाव करता है।
गिलोय का रस का सेवन करने से पित्त का बनना, त्वचा विकार, झाइयां, झुर्रियां, चर्म रोग, कमजोरी, गले का संक्रमण, खांसी, छींक, मलेरिया, डेंगू, टाइफायड, पेट के रोग, सीने में जकड़न, जोडों का दर्द, रक्त विकार, निम्न रक्तचाप, लीवर, किडनी, टीबी, मधुमेह, रक्तशोधक, गैस, जैसे रोग दूर होते हैं।
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