बैडरूम को हाइजीनिक बनाए रखने के लिए बैड, बिस्तर, तकिए और गद्दों की नियमित सफाई बहुत जरूरी है। कुछ इस तरह कोशिश कर सकते हैं। चादर और पिलो कवर को हमेशा ठंडे पानी और कम डिटर्जेंट में धोएं। रोज बिछाने वाली चादर आप घर में धो सकती हैं, लेकिन हैवी वर्क वाली चादर ड्राइक्लीन कराएं, तो बेहतर होगा। धोने से पहले देख लें चादर पर केयर लेबल पर क्या लिखा है। इन्हें धूप में ज्यादा देर न सुखाएं। बैडशीट और पिलो कवर को हमेशा डिटर्जेंट में धोएं, ब्लीच न करें।
वैक्यूम क्लीनर -
वैक्यूम क्लीनर से हम किसी भी कोने को आसानी से साफ कर सकते हैं। बैड के गद्दों को हम आसानी से साफ नहीं कर पाते, लेकिन वैक्यूम क्लीनर के जरिए धूल-मिट्टी को आसानी से हटा सकते हैं। ध्यान रखें कि वैक्यूम क्लीनर से हमेशा सूखी सतह से धूल-मिट्टी हटाएंं। यदि किसी वजह से बिस्तर गीला हो गया है तो इसका इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके खराब होने का डर रहेगा।
वॉटर सॉफ्टनिंग और पेस्ट कंट्रोल-
कई बार खारे पानी से आपके बिस्तर पर सफेद दाग-धब्बे लग जाते हैं, इसके लिए वॉटर सॉफ्टनिंग प्लांट अच्छा है। वाटर सॉफ्टनिंग से खारा पानी साफ हो जाता है। इसमें एक फिल्टर और पानी की टंकी होती है, जो छत पर लगाई जाती है। यह ज्यादा जगह नहीं घेरता और पूरी टंकी के पानी को साफ कर देता है। इस पानी से कपड़े अच्छे धुलते हैं। यदि आपके बैडरूम या अन्य किसी कमरे में कीड़े-मकोड़े हो रहे हैं तो पेस्ट कंट्रोल करवा सकते हैं। इससे बैडरूम में हो रहे कॉकरोचों से आपको छुटकारा मिल पाएगा। ध्यान रखें कि कमरा बंद करके स्प्रे करें, साथ ही बच्चोंं को दूर रखें।
दाग-धब्बों से छुटकारा-
-यदि चादर पर चिकनाई के दाग हैं तो धोने से पहले दाग वाले हिस्से पर थोड़ा सा हल्का एसिड युक्त सॉल्यूशन लगाएं और तुरंत साबुन से धो दें।
-चादर और रजाई के गिलाफ धोकर आखिरी बार खंगालते समय पानी में थोड़ा सिरका मिला दें। सिरके के अम्ल से कपड़ों से साबुन का क्षार उतर जाता है। इससे वे एकदम मुलायम हो जाते हैं।
-जब चादर या गद्दों में चाय-कॉफी के दाग लग जाएं तो कपड़े पर खौलता पानी डालें, न छूटें तो थोड़ा-सा बोरेक्स इस पर डालें। इस से भी न छूटे तो हाइड्रोजन पैराऑक्साइड के घोल से छुड़ाएं।
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