आयुर्वेद के खजाने में से एक दवा यानी हरड़ में कई बीमारियों को खत्म करने की क्षमता है।
इन रोगों में लाभदायक : गला बैठना, पुराना बुखार, सिर, आंखों, पेट, त्वचा, हृदय के रोग, खून की कमी, पीलिया, शरीर में सूजन, मधुमेह, उल्टी, पेट में कीड़े होना, दमा, खांसी, मुंह से लार टपकना, बवासीर, प्लीहा बढ़ना, पेट में अफारा, एसिडिटी, भोजन में अरुचि आदि के अलावा हरड़ का प्रयोग वात-कफ से जुड़े रोगों में भी लाभदायक है। इससे के सेवन से शरीर के कई रोग जड़ से खत्म हो जाते हैं।
ऐसे करें प्रयोग : हरड़ चूर्ण को गोमूत्र के साथ रोजाना पीकर व उसके पचने के बाद दूध पीने से खून की कमी दूर होती है। सौंठ, कालीमिर्च व पिप्पली, गुड़ व तिल तेल के साथ एक माह तक हरड़ का इस्तेमाल करने से कुष्ठ रोगों में आराम पहुंचता है। भोजन करने से पहले दो ग्राम हरड़ चूर्ण पुराने गुड़ के साथ लेने से बवासीर रोग में लाभ मिलता है।
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