नाखून के रंग से न सिर्फ खून की मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है बल्कि उसका टेक्सचर लिवर, दिल व फेफड़ों आदि से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी देता है।आइए जानते हैं इनके बारे में :-
पीलापन : नाखून का पीलापन एनीमिया का संकेत है। पोषक तत्त्वों की कमी से भी ऐसा होता है। नाखून पीला, मोटा और टूटा हुआ है, तो फंगल इंफेक्शन भी हो सकता है। पीले नाखून थायरॉइड, डायबिटीज या सांस संबंधी बीमारियों से भी जुड़े होते हैं।
सफेद नाखून
अगर नाखून बिलकुल सफेद हैं और किनारे ज्यादा गहरे हैं, तो लिवर की प्रॉब्लम जैसे हेपेटाइटिस हो सकता है। इसी तरह नाखून पर सफेद निशान खून की कमी की ओर इशारा करते हैं। जब नाखून पर सफेद निशान दिखाई देते हैं, तो डायबिटीज, सोरायसिस, जिंक की कमी आदि का संकेत हो सकता है।
गुलाबी लाइन
सफेद नाखून के सिरे पर जब संकरी गुलाबी लाइन दिखाई देती है तो इसे टेरीज नेल कहा जाता है।
टेढ़े और गड्ढ़े वाले नाखून
नाखून की सतह लहर व गड्ढे वाली है तो गठिया या सोरायसिस हो सकता है। कनेक्टिव टिश्यूज में विकृति से भी ऐसा हो सकता है।
दरार वाले नाखून
नाखून में दरार आना और टूटना फंगल इंफेक्शन की वजह से होता है। कई बार विटामिन-ए, बी व सी की कमी से भी ऐसा होता है।
गहरी लाइन
नाखून में दर्द होने के साथ ही उसका काला या गहरे रंग का होना या किसी तरह की गहरी लाइन दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यह मेलानोमा का संकेत हो सकता है, जो एक प्रकार का स्किन कैंसर होता है।
ऊपर की मुड़े नाखून
जब ये किनारे से ऊपर की ओर मुडऩे लगते हैं तो यह एनीमिया, अत्यधिक मात्रा में आयरन का अवशोषण यानी हीमोक्रोमेटोसिस या दिल से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है।
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