Thursday, 8 August 2019

हर मरीज में एक जैसे नहीं हाेते बे्रन ट्यूमर के लक्षण, जानिए सच

शरीर में कोशिकाओं का बनना व नष्ट होना सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन मस्तिष्क में जब यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है तो ट्यूमर कोशिकाएं बनने लगती हैं। धीरे-धीरे ये गांठ ( brain tumor ) का रूप ले लेती हैं। ये कैंसरग्रस्त भी हो सकती हैं और सामान्य भी। कई बार ट्यूमर को लेकर भ्रम की स्थिति बनती है जानते हैं इनके बारे में :-

भ्रांति : हर ब्रेन ट्यूमर ( Brain tumor ) गंभीर नहीं होता है।
सच्चाई : यह सच नहीं है, क्योंकि ब्रेन ट्यूमर की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि वह मस्तिष्क के किस हिस्से में मौजूद है और सर्जरी से इसे पूरी तरह निकाला जा सकता है या नहीं। इसके आधार पर तय होता है कि ये ट्यूमर गंभीर है या नहीं।

भ्रांति : मोबाइल फोन का रेडिएशन है इसका जिम्मेदार।
सच्चाई : रेडिएशन के अत्यधिक संपर्क में आने के कारण ट्यूमर बनता है जिसमें बे्रन ट्यूमर शामिल है। उदाहरण के लिए एक्सरे, आयोनाइजिंग व एटॉमिक रेडिएशंस आदि का रेडिएशन। ये इसका कारण हैं या नहीं अब तक इसकी पुख्ता जानकारी नहीं आई है।

भ्रांति : युवाओं में ब्रेन ट्यूमर में मामले सामने नहीं आते।
सच्चाई : ऐसा नहीं है, ब्रेन ट्यूमर के लिए उम्र कोई कसौटी नहीं है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। नवजात में भी ब्रेन ट्यूमर के मामले पाए जाते हैं। हालांकि उम्र के साथ ये अधिक घातक हो जाता है। इसलिए लक्षण दिखते ही विशेषज्ञ से संपर्क करें ताकि इसे रोका जा सके।

भ्रांति : एक बार इलाज के बाद ये बे्रन ट्यूमर दोबारा नहीं होता।
सच्चाई : यह सच नहीं है। बिनाइन (सामान्य) ट्यूमर को सर्जरी द्वारा निकाल दिया जाता है तो ऐसा कभी-कभार ही होता है कि वह दोबारा बन जाए। लेकिन कुछ मामलों 10 से 15 साल बाद ये दोबारा भी हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए समय-समय पर इसकी नियमित जांच कराना जरूरी है।

भ्रांति : ब्रेन ट्यूमर ( Brain tumor ) के सभी मरीजों में लक्षण एक जैसे ही होते हैं
सच्चाई : यह सच नहीं है। कुछ सामान्य लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। मस्तिष्क में ट्यूमर की लोकेशन के आधार पर लक्षण बदल सकते हैं जैसे दौरे पड़ना, कमजोरी, रोशनी कमजोर होना, सुनने या बोलने में परेशानी, संतुलन में कमी आदि।



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