Thursday, 22 August 2019

जानिए क्लब फुट के बारे में, क्यों होती है ये समस्या, क्या है इसका उपचार

मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाले ऊतक छोटे हो जाते हैं। ऐसे में प्रभावित पैर टखने से अंदर की ओर मुड़ जाता है।

क्लब फुट क्या है?
क्लब फुट, एक या दोनों पैरों को प्रभावित करने वाली जन्मजात विकृति है। आमतौर पर पैर के पंजे 90 डिग्री पर होते हैं। लेकिन रोग के कारण मुड़ाव आने से पैरों का आकार या स्थिति असामान्य हो जाती है। मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़कर रखने वाले ऊतक सामान्य से छोटे हो जाते हैं। इससे पैर टखने से अंदर मुड़ जाता है।

इसके लक्षण क्या हैं?
आमतौर पर पैर का अगला भाग नीचे-अंदर की ओर मुड़ा होता है, पैर इतने अधिक मुड़ जाते हैं कि ऐसे लगते हैं कि वो उल्टे हों। प्रभावित पैर दूसरे से लगभग एक सेमी.छोटा हो सकता है। पैर असामान्य दिखने के बावजूद इसमें कोई दर्द या परेशानी नहीं होती है।

रिस्क फैक्टर क्या हैं?
माता-पिता दोनों को या किसी एक को यह रोग है तो बच्चों में इसके होने की आशंका दोगुनी होती है। प्रेग्नेंसी में धूम्रपान करने या संक्रमण से भी रोग की आशंका रहती है। क्लब फुट से ग्रस्त 50 प्रतिशत बच्चों के दोनों पैर प्रभावित होते हैं।

रोग की पहचान कैसे होती है ?
लेवल-2 अल्ट्रासाउंड से जन्म पूर्व ही क्लब फुट का पता चल जाता है। लेकिन इलाज संभव नहीं। ऐसे में आर्थोपेडिक सर्जन से सलाह लेनी चाहिए। कई बार जन्म के तुरंत बाद शिशु के पैर का आकार-स्थिति को देखकर डॉक्टर रोग की पहचान कर लेते हैं।

इसका उपचार क्या है?
सामान्यत: डॉक्टर बिना सर्जरी के क्लब फुट को ठीक कर देते हैं, लेकिन कुछ में सर्जरी करनी पड़ती है। शुरुआती स्थिति में जिनका उपचार हो जाता है वे बड़े होकर सामान्य जूते पहन सकते हैं। नवजात की हड्डियां, जोड़ बहुत लचीले होते हैं, इसलिए जल्दी उपचार कराने से क्लब फुट को ठीक किया जा सकता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2zfgOLw

No comments:

Post a Comment