उपवास 10-12 घंटे तक रखने से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स रिलीज होते हैं। शरीर के आंतरिक अंगों को भी आराम की जरूरत होती है। ऐसे लोग जिन्हें किसी तरह की शारीरिक समस्या है वे बिना चिकित्सक की परामर्श के उपवास न करें, उन्हें दिक्कत हो सकती है।
क्या खाएं उपवास के दौरान
1- सप्ताह में एक दिन उपवास (10-12 घंटे) जरूरी है। इससे शरीर तेजी से कोशिकाओं का पुनर्निर्माण करता है।
2- व्रत के दौरान सुबह हल्का फलाहार लें। देर शाम हल्का सुपाच्य आहार लें। पूरे दिन पानी पी सकते हैं। शरीर से विषैले तत्व निकलेंगे।
3- शरीर दोष, धातु व मल से बना है। इसका समान अनुपात जरूरी है।
4- तीन शारीरिक दोष वात, पित्त, कफ, मानसिक दोष रज व तम हैं। व्रत से सम भाव में आते हैं।
सात धातुएं रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा व शुक्र समभाव में रहते हैं। मल, मूत्र व स्वेद (पसीना) संबंधी अंग सुचारु काम करते हैं।
5- बिना पचे दोबारा खाने से शरीर में जूसेज ग्लूकोज, एमीनोएसिड, ट्राइग्लिसराइड सही तरीके से नहीं बनने से आहार विषैले तत्व के रूप में काम करता है।
एक्सपर्ट : डॉ. दिनेश शर्मा, आयुर्वेद विशेषज्ञ, एसआर राजस्थान आयुर्वेद विवि, जोधपुर
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