स्ट्रोक दिमाग में रक्त की आपूर्ति के बाधित होने या कम होने से होता है। जिससे दिमाग में ऑक्सीजन और पोषक तत्त्वों की कमी होने लगती है और दिमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं। ऐसे में चेहरे, हाथ या पैर में अचानक सुन्नपन या शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस होना, अचानक भ्रम की स्थिति, बोलने व चलने में परेशानी, एक या दोनों आंखों से धुंधला या बिल्कुल दिखाई न देना, चक्कर आना, संतुलन न बना पाना व अकारण तेज सिरदर्द होता है।
एन्यूरिज्म क्या है?
एन्यूरिज्म रक्तनलिका की दीवार पर असामान्य व कमजोर जगह होती है जिसमें बाहर की ओर एक बुलबुले की तरह उभार पैदा होता है। इसके फटने से दिमाग में रक्त का जमाव स्ट्रोक के साथ मृत्यु का कारण भी बनता है। एन्यूरिज्म की फैमिली हिस्ट्री होने पर स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
इसमें कौनसी जांच होती है?
ज्यादातर एन्यूरिज्म की पहचान इसके फटने पर होती है। सीटी स्कैन, एमआरआई व सेरेब्रल एंजियोग्राम करते हैं।
एन्यूरिज्म का इलाज कैसे किया जाता है?
'ओपन क्लिपिंग' में खोपड़ी को खोलकर एन्यूरिज्म में क्लिप लगाते हैं। फ्लो डायवर्टर्स एन्यूरिज्म का नया उपचार है। जिसमें स्टेंट के रूप में डिवाइस को रक्तनलिका में लगा देते हैं। इससे रक्तप्रवाह कमजोर हिस्से से बच जाता है।
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