Tuesday, 30 July 2019

कई रोगों में फायदेमंद है चमेली के फूल, पत्ते व तेल

चमेली का फूल बगीचे और घर में खुशबू फैलाने के लिए जाना जाता है। इसमें औषधीय गुण भी हैं जो कई रोगों से बचाते हैं। औषधि के रूप में चमेली की केवल 10 ग्राम मात्रा का ही प्रयोग करना चाहिए। इसकी खुशबू दिमाग को शक्तिशाली बनाती है। लेकिन यह वात, लकवा, गठिया रोगी के लिए हानिकारक है। इसकी सुगंध कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकती है। ऐसे में जिन्हें खुशबू से एलर्जी है वे इसका प्रयोग न करें। जानिए इसके फायदे-

ठीक होती चोट व घाव -
चमेली के तेल का इस्तेमाल एंटीसेप्टिक के तौर पर भी किया जाता है। किसी तरह की चोट या घाव हो जाए तो रूई के फाहे को चमेली के तेल में डुबोकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे दर्द कम होने के साथ घाव भी तेजी से भरता है।

तनाव की छुट्टी - अगर काम का अधिक बोझ और अधूरी नींद तनाव पैदा करती है तो ऐसी स्थिति में बगीचे में जाएं और चमेली के फूलों की सुगंध लें। इसकी खुशबू मूड बूस्टर का काम करती है और तनाव का स्तर घटाती है। साथ ही अनिद्रा की समस्या से भी राहत देती है।

दूर होता दर्द -
चमेली का तेल खुशबूदार होने के कारण इसका प्रयोग अरोमाथैरेपी में भी किया जाता है। इसके तेल से की गई मसाज शरीर की मांसपेशियों आराम पहुंचाती है। इसके अलावा चमेली के तेल में नारियल का तेल मिलाएं और इससे शरीर की मालिश करें। बॉडी को आराम मिलने के साथ दर्द भी दूर होगा।

पेट में कीड़े : अगर पेट में कीड़े हो गए हैं तो चमेली के पत्तों का रस पी सकते हैं, ऐसा कुछ दिनों तक करने से कीड़े बाहर निकल जाते हैं।

मुंह में छालों की समस्या : मुंह में छाले होने पर इसकी पत्तियों को धोकर धीरे-धीरे चबाएं। पत्तियों से निकलने वाला रस छालों को खत्म करता है।

बिवाई फटना : सर्दी के अलावा भी कुछ लोगों में बिवाई फटने की समस्या होती है। ऐसे में चमेली के पत्तों का रस इस पर लगा सकते हैं।

चमेली के फूल का प्रयोग - चमेली के फूलों को पीसकर इसका लेप बना लें। इसे दाद, खाज और खुजली होने पर प्रभावित हिस्से पर लगाएं, आराम मिलेगा।

अक्सर सिरदर्द रहने की समस्या है तो कुछ चमेली के फूल लें इसे पीसकर लेप तैयार करें। इस लेप को माथे पर लगाएं, सिरदर्द से राहत मिलेगी।



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